Header Ads

इसलिए फ्लाइट के अंदर फ़ोन स्विच ऑफ़ करने की सलाह दी जाती है

जब हम एरोप्लेन में कोई हवाई सफ़र करते हैं तो फ्लाइट स्टाफ के द्वारा एक स्पेशल सी आवाज़ में अनाउंसमेंट की जाती है, जिसमें आपको हिदायत दी जाती है कि कृपया अपना मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल न करे और फ़ोन स्विच ऑफ कर लें या फ्लाइट मोड पे डाल दें, वैसे कुछ लोग तो फ़ोन फ़ौरन ऑफ कर देते हैं, पर कुछ फ़ोन लवर्स मोबाइल ऑफ नहीं करते गेम, सॉन्ग्स व एक-आध सेल्फ़ी के चक्कर में न चाहते हुए फ़ोन ऑफ करने के बजाय फ्लाइट मोड पर ज़रूर डाल देते हैं।

device -switch-off-the-flight

आखिर कनेक्शन क्या है :- हमारे मोबाइल का स्विच ऑन या ऑफ़ रखने से, फ्लाइट स्टाफ़ को भला क्या तक़तीफ़ हाँ ? अगर आपके दिमाग़ में ये ख़्याल नहीं आया हो तो कोई बात नहीं, चलिए आज हम इस राज़ के बारे में आपको बताते हैं।

वैसे तो ऐरहोस्टेज़ उड़न से पहले लगभग 4 से 5 मिनट तक टेक ऑफ़ और टेक ऑन करते समय की काफी कुछ महत्वपूर्ण फ्लाइट से जुड़ी बातों के बारे में बताती हैं, क्या आप ने इस बात पर कभी गौर फ़रमाया है की आख़िर इस प्रकार की अनाउंसमेंट भला क्यों की जाती है, हाँ सोचिये सोचिये..!

आइए वजह जान लेते हैं :- एक्चुली में फ्लाइट के पायलट महोदय को फ्लाइट से जुडी इम्पोर्टेन्ट इन्फॉर्मेशन को कम्युनिकेशन सिस्टम के ज़रिये एयर ट्रैफिक कंट्रोल से आदान-प्रदान करना होता है, और उड़ान के दौरान एयर ट्रैफिक कंट्रोल सेंटर से लगातार जुड़े हुए रहना होता है जहाँ से पॉयलट को तमाम तरह की इम्पोर्टेन्ट इन्फॉर्मेशन जैसे दिशा, उचाई, रडॉर व मौसम इत्यादि के बारे में सटीक जानकारियाँ "ए.टी.सी" से पॉयलट को मिल पाती हैं। 

पॉयलट द्वारा एयर ट्रैफिक कंट्रोल से कम्युनिकेट करते समय अगर हम मोबाइल फ़ोन का यूज़ करेंगे तो पॉयलट के पास आने वाले ज़रूरी सूचनाओं की तरंगों में अवरोध पैदा हो सकती है, जिस कारण से पॉयलट तक वे तमाम इम्पोर्टेन्ट इन्फॉर्मेशन ठीक से नहीं पहुँच पाती हैं और ख़तरा होने की संभावनाओं का चांस बढ़ जाता है। 

हालाँकि ऐसा कोई रीज़न अभी तक सामने नहीं आया की फ़ोन की वजह से कोई अनहोनी हुई हो लेकिन पायलेट को इसकी अतिरिक्त रेडियो में आवज़ होने की वजह से डिस्टर्बेन्स ज़रूर होता है

यात्रा सुखद हो बोरियत न हो इसके लिए क्या करें :- जाने से पहले जिस चीज़ के आप शौक़ीन हो वीडियो गेम्स मूवी ये सब डाउनलोड कर के रख लें, अगर पढ़ने के शौक़ीन हैं तो एक हैंड बुक लेलें, और जहाज़ में मोबाइल को फ्लाइट मोड पर डालकर एन्जॉय कर सकते हैं, टेक ऑफ़ और टेक ऑन करते समय सीट बेल्ट ज़रूर लगा ले, और रिलैक्स हो कर बैठे, फ्लाइट का विंडो ओपन तो रहता नहीं की बहार झांक सकें, तो अंदर से ही बहार का नज़ारा देख सकते हैं

अगर आपको वोमिटिंग की समस्या है:- तो घबराएं बिलकुल भी नहीं उड़ान से पहले आप वोमिटिंग की दवा ले लें या कोई कैंडी जो भी आपको पसंद हो ले लें, और अंदर बैठ कर पैनिक ज़रा सा भी न हो, हाँ टेक ऑफ़ के समय कुछ लोगों को ये समस्या हो जाती है, पर हवाई जहाज़ जब अपने सामान्य लेबल पर पहुंच जाता है, तो स्थिति सामान्य हो जाती है, और वोमिटिंग या चक्कर आने जैसा कुछ फील नहीं होता।

तो दोस्तों आप जब कभी भी हवाई जहाज़ की यात्रा करें तो, फ्लाइट नियम के अनुसार अच्छे नेचर का परिचय देते हुए, फ़ोन को स्विच ऑफ या फ्लाइट मोड पर डाल दें, इस कंडीशन में भी आप फ़ोन में मौजूद ऑडियो गाने, वीडियो व गेम का आनंद उठा सकते हैं

No comments:

Powered by Blogger.